कैमरून में इस्लामी वित्त से आशय उन बैंकों और सूक्ष्म वित्त संस्थाओं की खिड़कियों व शाखाओं से है जिन्हें कोबाक ने ब्याज-मुक्त अनुबंध देने की अनुमति दी है, और जिन पर 1 जनवरी 2023 से सीईएमएसी के छह देशों का साझा विनियम लागू है।
फ़रवरी 2015: देश की पहली इस्लामी खिड़की
अफ़्रीलैंड फ़र्स्ट बैंक ने 25 फ़रवरी 2015 को इस्लामी विकास बैंक समूह की इकाई, निजी क्षेत्र विकास के लिए इस्लामी निगम, के साथ मिलकर एक इस्लामी खिड़की शुरू की। इसकी पेशकश में मुराबहा, मुशारका, मुदारबा और इजारा शामिल थे।
बड़ा संभावित ग्राहक वर्ग, पर बैंकों तक कम पहुँच
उस शुरुआत के समय मुसलमानों की आबादी 20% से अधिक आँकी गई थी, जबकि बैंक खाता रखने वाले वयस्कों का हिस्सा कम था। इसलिए यह शरिया-अनुरूप पेशकश धार्मिक माँग के साथ-साथ वित्तीय समावेशन को भी लक्ष्य बनाती थी।
राष्ट्रीय कानून के बजाय क्षेत्रीय विनियम क्यों?
कैमरून मध्य अफ़्रीकी आर्थिक और मौद्रिक समुदाय का सदस्य है, जहाँ बैंकों को लाइसेंस देना और उनकी निगरानी करना मध्य अफ़्रीकी बैंकिंग आयोग का काम है। इसलिए इस्लामी वित्त के नियम पूरे क्षेत्र के लिए तय होते हैं, केवल कैमरून की विधायिका द्वारा नहीं।
विनियम संख्या 04/22/सीईएमएसी/यूएमएसी/कोबाक
9 नवंबर 2022 को अपनाया गया और 1 जनवरी 2023 से लागू यह पाठ इस्लामी वित्त गतिविधि के संचालन और नियंत्रण की शर्तें तय करता है। यह ऋण संस्थाओं और सूक्ष्म वित्त संस्थाओं, दोनों पर समान रूप से लागू होता है।
अनुच्छेद 3 में दर्ज पाँच सिद्धांत
विनियम ब्याज लेने या देने पर रोक, अनिश्चितता और सट्टेबाज़ी की अस्वीकृति, अवैध गतिविधियों का बहिष्कार, ठोस परिसंपत्तियों से जुड़ाव, और पक्षों के बीच लाभ व हानि के बँटवारे को आधार बनाता है।
अनुपालन समिति और जमा गारंटी
हर संस्था के पास एक समिति होनी चाहिए जो उसके उत्पादों की शरिया-अनुरूपता को मंज़ूरी दे। पाठ में क्षेत्रीय जमा गारंटी कोष के ज़रिए जमा सुरक्षा और संचालन व्यवस्था का भी ज़िक्र है, जो पहले से लागू बैंकिंग और सूक्ष्म वित्त नियमों के अतिरिक्त है।
शुरुआती संस्थाओं के लिए अनुपालन की समय-सीमा
जो संस्थाएँ विनियम से पहले ही इस्लामी उत्पाद दे रही थीं, उन्हें 1 जून 2023 तक अनुमति का आवेदन जमा करना था, और नए ढाँचे के पूरी तरह अनुरूप होने के लिए 1 जनवरी 2025 तक दो साल का समय मिला।
सीबीसी और दुआला में उसकी अमाना खिड़की
जुलाई 2024 में कमर्शियल बैंक ऑफ़ कैमरून ने सीबीसी अमाना नाम से इस्लामी वित्त की पेशकश और दुआला में एक समर्पित शाखा की घोषणा की, और दावा किया कि 2022 के विनियमों के तहत कोबाक की पहली पूर्व-अनुमति उसे मिली।
2025 में सीसीए बैंक की दो इस्लामी शाखाएँ
मार्च 2025 में कोबाक से अनुमति मिलने के बाद सीसीए बैंक ने जुलाई में दो समर्पित शाखाएँ खोलीं, दुआला के न्यू बेल और याउंडे के त्सिंगा में। यह व्यापारियों, उपकरणों और परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए सलम, इजारा और मुदारबा पर ज़ोर देता है।
सूक्ष्म वित्त भी मैदान में
विनियम सूक्ष्म वित्त को भी शामिल करता है, और दूसरी श्रेणी की एक संस्था को कोबाक से इस्लामी खिड़की खोलने की अनुमति मिली है। छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए मुराबहा और सलम ब्याज वाले ऋण की जगह ले सकते हैं।
कैमरून में ग्राहक को क्या जाँचना चाहिए
पूछें कि क्या शाखा कोबाक से अनुमति प्राप्त खिड़की का हिस्सा है, कौन-सा अनुबंध इस्तेमाल होता है, मार्जिन या लाभ का हिस्सा कैसे गिना जाता है, और किस अनुपालन समिति ने उत्पाद को मंज़ूरी दी। अनुरूपता का फ़ैसला वही समिति करती है।
विकास की पहचानी गई गुंजाइश
बाज़ार अभी नया है: वकीलों और बैंकरों को इस्लामी अनुबंधों का प्रशिक्षण, लगातार बिक्रियों पर कर व्यवहार और नकदी लगाने के साधन, ये सभी ऐसे काम हैं जिन पर कुछ शाखाओं से आगे उत्पादों का प्रसार निर्भर करता है।
विशेष बाहरी स्रोत
कोबाक की वेबसाइट पर इस्लामी वित्त से जुड़े सीईएमएसी विनियम, लाइसेंस और पूर्व-अनुमति की प्रक्रियाएँ, तथा कैमरून की संस्थाओं से संबंधित निर्णय उपलब्ध हैं।
