जिबूती में इस्लामी वित्त का अर्थ शरिया-अनुरूप बैंकों और खिड़कियों की गतिविधि है, जिसे 2011 में पारित विशेष कानून और जिबूती केंद्रीय बैंक के निर्देश नियंत्रित करते हैं, और इसी केंद्रीय बैंक में क्षेत्र की निगरानी करने वाली राष्ट्रीय शरिया समिति भी स्थित है।
जनवरी 2011 में एक ही दिन पारित तीन कानून
22 जनवरी 2011 को राष्ट्रीय सभा ने इस्लामी बैंकों की स्थापना पर एक कानून पारित किया, साथ ही केंद्रीय बैंक के विधान और ऋण संस्थाओं के कानून में संशोधन करने वाले दो पाठ भी। इस तरह इस्लामी बैंकिंग को अपना स्वतंत्र कानूनी आधार मिला।
केंद्रीय बैंक का निर्देश 2012-01 क्या माँगता है
नवंबर 2012 में जारी यह निर्देश स्थापना की शर्तों का विवरण देता है। पूर्ण इस्लामी बैंक के पास कम से कम एक अरब जिबूती फ्रैंक की पूँजी और एक शरिया समिति होनी चाहिए, जैसा कि इस्लामी बैंकों पर 2011 का कानून कहता है।
पारंपरिक बैंकों के भीतर इस्लामी खिड़कियाँ
पारंपरिक बैंक इस्लामी खिड़की खोल सकता है, बशर्ते उसकी अलग पूँजी पारंपरिक बैंकों के लिए तय न्यूनतम राशि के कम से कम 30 प्रतिशत के बराबर हो। खिड़की को वित्तीय, लेखा और प्रशासनिक रूप से अलग रखना होता है, अपने कर्मचारियों और आंतरिक नियंत्रणों के साथ।
अलग खाते जमाकर्ता की रक्षा क्यों करते हैं
सख्त विभाजन के बिना हलाल के नाम पर जुटाया गया पैसा मूल बैंक के ब्याज वाले ऋणों में जा सकता है। अलग लेखा-जोखा शरिया समिति और पर्यवेक्षक को यह जाँचने देता है कि खिड़की में जमा हर फ्रैंक केवल अनुरूप लेन-देन में ही रहे।
केंद्रीय बैंक में स्थित राष्ट्रीय शरिया समिति
जिबूती केंद्रीय बैंक ने इस्लामी खंड की निगरानी के लिए एक राष्ट्रीय शरिया समिति बनाई है। यह केंद्रीय स्तर बैंकों की अपनी समितियों का पूरक है और रायों में एकरूपता लाना चाहता है, ताकि एक ही उत्पाद को एक बैंक स्वीकार करे और दूसरा अस्वीकार न करे।
जिबूती में कौन से इस्लामी बैंक काम करते हैं?
फ्रांसीसी आर्थिक अधिकारियों ने 2021 में देश की संस्थाओं में तीन इस्लामी बैंक गिनाए: सबा अफ्रीकन बैंक, सलाम अफ्रीकन बैंक और ईस्ट अफ्रीका बैंक। 2018 में इनके पास मिलकर लगभग 23 प्रतिशत बैंकिंग परिसंपत्तियाँ और करीब 73 हज़ार ग्राहक थे।
इस्लामी बैंकों के क्षेत्रीय नेटवर्क की सदस्यता
2015 में जिबूती बहरीन स्थित इस्लामी बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की सामान्य परिषद में शामिल हुआ। यह सदस्यता प्रशिक्षण, बाज़ार अध्ययनों और क्षेत्र के पेशेवरों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान तक पहुँच आसान बनाती है, जो एक छोटे बैंकिंग समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है।
डॉलर से जुड़ी मुद्रा और व्यापार वित्त
जिबूती फ्रैंक 1973 से अपरिवर्तित स्थिर दर पर अमेरिकी डॉलर से जुड़ा है। आयातकों के लिए यह स्थिरता बंदरगाह से गुज़रने वाले माल पर डॉलर में मुराबहा को आसान बनाती है, क्योंकि बैंक की खरीद और ग्राहक को पुनर्विक्रय के बीच विनिमय दर का अप्रत्याशित अंतर नहीं आता।
अनुरूप वित्त की माँग का इंजन बंदरगाह
जिबूती की अर्थव्यवस्था बड़े हिस्से में लॉजिस्टिक्स और इथियोपिया की ओर पारगमन व्यापार पर टिकी है। वहाँ इस्लामी बैंक मुराबहा या इजारा के माध्यम से माल-भंडार, उपकरण और वाहनों का वित्तपोषण करते हैं, और बैंक को बेचने या किराये पर देने से पहले वस्तु का मालिक होना पड़ता है।
देश में ही विशेषज्ञ तैयार करना
जिबूती विश्वविद्यालय ने स्थानीय विशेषज्ञता विकसित करने के लिए इस्लामी वित्त के पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। बैंकिंग कानून और अनुबंधों के फ़िक़्ह दोनों को समझने वाले वकीलों और लेखा परीक्षकों की कमी अब भी बढ़ते क्षेत्र के लिए वास्तविक बाधा है।
इस्लामी विकास बैंक के साथ राष्ट्रीय रणनीति की ओर
इस्लामी विकास बैंक के संस्थान ने जिबूती के इस्लामी वित्त तंत्र का आकलन करने और राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने के लिए सलाहकार आमंत्रित किए हैं। इस कार्य में इस्लामी बैंकिंग ढाँचे का आधुनिकीकरण और इस्लामी सूक्ष्म वित्त के लिए अलग कानूनी व्यवस्था बनाना भी शामिल है।
खाता खोलने या वित्त लेने से पहले क्या जाँचें
पता करें कि संस्था पूर्ण इस्लामी बैंक है या केवल खिड़की, उसकी शरिया समिति में कौन है और निवेश खातों का लाभ कैसे बाँटा जाता है। वित्तपोषण में कुल कीमत, देरी के दंड और उनके दान में जाने की पुष्टि माँगें।
विशेष बाहरी स्रोत
जिबूती केंद्रीय बैंक की वेबसाइट बैंकिंग कानून और निर्देश प्रकाशित करती है, जिनमें इस्लामी बैंकों और इस्लामी खिड़कियों की स्थापना की शर्तें तय करने वाला निर्देश भी शामिल है।
